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खौफनाक है खूबसूरत शिमला की हर रात !!

अपनी बेपनाह खूबसूरती और प्रकृति के साथ करीबी के लिए मशहूर शिमला शहर हर रात एक ऐसी खौफनाक घटना का गवाह बनता है जिससे बच पाना कभी कभार मुश्किल जान पड़ने लगता है. शिमला के निवासियों को तो अब ऐसे माहौल में रहने  की आदत पड़ गई है. वह जब भी रात के समय घर से बाहर निकलते हैं तो उन्हें यही लगता है कि ना जाने अब उनके साथ क्या होगा. शिमला में ऐसे बहुत से स्थान हैं जहां पारलौकिक ताकतों के होने का एहसास होता है, जहां हर रोज कुछ ना कुछ भयानक घटता ही है. यहां एक नहीं कई भूतहा स्थान हैं जिनके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

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शिमला का इन्दिरा मेडिकल अस्पताल
हिमाचल का सबसे बड़ा अस्पताल इन्दिरा मेडिकल अस्पताल शिमला में स्थित है लेकिन लोगों के बीच इस अस्पताल का इतना खौफ है कि उनका मानना है कि जो लोग इस अस्पताल से अपना इलाज करवाकर वापस आते हैं तो जल्द ही उनकी मृत्यु हो जाती है. लोगों का मानना है कि ठीक होकर वापस आने के बाद भी हर सप्ताह किसी ना किसी व्यक्ति की मृत्यु हो ही जाती है. ऐसा माना जाता है कि जिन लोगों की मौत इस अस्पताल में हुई थी उनकी रूहें आज भी इसी अस्पताल के अंदर डेरा जमाए हुए हैं, जिनकी काली छाया उस अस्पताल के मरीजों पर पड़ती है.


इस अस्पताल को श्रापित माना जाता है और यहां जितने भी लोग अपना इलाज करवाने आते हैं उन्हें हर समय किसी ना किसी के अपने आसपास होने का एहसास होता है जबकि वहां कोई दूसरा नहीं होता. शिमला के लोगों को अब यह यकीन हो चला है कि यहां कुछ ना कुछ ऐसा जरूर है जो सही नहीं है.

लोगों ने यहां अजीबोगरीब आवाजों को सुना है जो व्यक्तियों को उनके नाम से पुकारती हैं तो कभी कोई उन्हें धक्का देता है, सीढ़ियों के बीच उनका रास्ता रोक लेता है. लिफ्ट का फंसना और अचानक चलने लगना और साथ ही तीखी आवाजों में किसी का चीखना आदि जैसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं.


शिमला का कॉंवेंट ऑफ जीसेस एंड मैरी स्कूल
इस स्कूल को हॉंटेड माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि इस स्कूल के लिए 13 तारीख का शुक्रवार मौत का पैगाम लेकर आता है. कहते हैं ब्रिटिश काल में यह स्थान एक अनाथालय हुआ करता था और रात के समय जब सब बच्चे सो रहे थे तो किसी ने उनके कमरे में आग लगा दी थी. इस घटना के बाद से लेकर अब तक वहां जली हुई रूहों को देखा जाता है. हालांकि अब उन बच्चों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए उस स्थान पर बच्चों के लिए झूले और अन्य जरूरी सामान रखा गया है लेकिन फिर भी कहा जाता है यहां एक लड़की जली हुई अवस्था में अध्यापकों और चपरासियों से गुड़िया और खिलौनों की मांग करती है.

रात होते ही जाग जाते हैं डेथ वैली के पत्थर

कभी-कभार कुछ घटनाएं ऐसी घटती हैं जिसके पीछे छिपे कारण को कोई समझ नहीं पाता. यह क्यों हुआ, किस वजह से हुआ यह कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब खोजना बहुत मुश्किल हो जाता है. वैसे तो विज्ञान कभी चमत्कार या ऐसी किसी भी घटना के होने पर विश्वास नहीं करता लेकिन कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिनका जवाब विज्ञान के भी पास नहीं होता.


डेथ वैली के नाम से बहुत कम लोग परिचित होंगे क्योंकि अभी इसके बारे में सिर्फ दबी जुबान से ही चर्चाएं होती रहीं लेकिन अब इस वैली का सच शायद बाहर आ रहा है क्योंकि अभी तक ‘नासा’ जो इस वैली और यहां मौजूद पत्थरों की पहेली को सुलझाने की बात कर रहा था वह भी अब अपने हाथ खड़े कर चुका है क्योंकि उसे भी यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर 700 पाउंड का पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे जा सकता है जबकि वहां किसी और के होने का कोई सबूत नहीं है और ना ही वहां कुछ ऐसा है जो इतने भारी पत्थर को हिला पाने तक में सक्षम हो.



कैलिफोर्निया (अमेरिका) स्थित डेथ वैली के तैरते पत्थरों की कहानी लोग सदियों से कहते-सुनते आ रहे हैं लेकिन इन कहानियों पर किसी ने कभी यकीन नहीं किया. लोगों का कहना है कि इस वैली में स्थित पत्थर यहां तैरते हैं, वह अपने आप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं क्योंकि इस वैली के भीतर कोई जादुई शक्ति है.


लेकिन चमत्कार की अवधारणा को सिरे से नकारने वाला विज्ञान एक बार फिर इस जगह के चमत्कारी होने जैसी बातों को मनगढंत मान रहा है. एक थ्योरी के तहत प्लेनेटरी साइंटिस्ट प्रोफेसर रॉल्फ लॉरेंज ने यह समझाने का प्रयास किया है कि किस तरह यह पत्थर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचते हैं. प्रोफेसर रॉल्फ का कहना है कि सर्दियों के मौसम में इस वैली के पत्थरों पर बर्फ जम जाती है और जब सर्दियों का मौसम जाते ही इन पत्थरों के ऊपर कीचड़ जम जाता है तो बर्फ छिप जाती है और बर्फ के आवरण से जमी चट्टानों को इस स्थान पर बहने वाली तेज हवा आगे की ओर धकेल देती है और देखने वाले को यह लगता है कि रेत में यह भारी भरकम पत्थर खुद तैरते हुए आगे बढ़ गए हैं, जबकि सच कुछ और ही है. प्रोफेसर रॉल्फ का कहना है कि जब किसी चट्टान के ऊपर बर्फ की चादर चढ़ जाती है तो उस चट्टान में मौजूद तरल पदार्थों का स्तर बदलते तापमान के साथ-साथ बदलता रहता है और चट्टान आगे पीछे होने लगती है जिससे यह अभास होता है कि यह चट्टान रेत में तैर रही है.


आपको यकीन नहीं होगा कि इस थ्योरी से पहले लोग इस चट्टान के बारे में बहुत कुछ बोलते थे. कोई कहता था कि इन चट्टानों में जादुई शक्तियां हैं तो कोई इस स्थान को एलियन या तंत्र-मंत्र से श्रापित मानता था. अब आपको हो सकता है इस बात पर हंसी आए लेकिन लोग इस स्थान पर मौजूद पत्थरों को अपने घर भी ले गए थे क्योंकि वह इन्हें चमत्कारी मानते थे. प्रोफेसर रॉल्फ के इस स्थान के रहस्य को साफ कर देने के बाद भी लोग इस स्थान पर एलियन और तंत्र विद्या की मौजूदगी को सही मानते हैं.

क्या आप भी बैठे-बैठे पैर हिलाते हैं ?

आप किसी मीटिंग में बैठे हैं और कुर्सी पर बैठे-बैठे आप लगातार अपने पैर हिलाने में व्यस्त हैं. किसी दोस्त के साथ पब में हैं और काउच पर बैठे हुए आप अपने पैर को हिलाते जा रहे हैं. ब्यूटी पार्लर में अपने बाल कटवा रही हैं और आपको आपकी ब्यूटिशियन बार-बार टोक रही है कि आप पैर मत हिलाइए, लेकिन हैरानी की बात है आपको पता भी नहीं चला कि आप अपना पैर हिला रही हैं.

बहुत से लोग होते हैं जिन्हें एक स्थान पर बैठे हुए पैर हिलाने की आदत होती है. यह आदत इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि कई बार तो पता ही नहीं चलता कि पैर हिलाने का यह सिलसिला कब शुरू हो जाता है, जब दूसरे आपको टोकते हैं तब आपको पता चलता है कि आप तो बैठे-बैठे अपने पांव हिला रहे थे. ये आदत बचपन से आपके साथ चलती है और समय बीतने के साथ-साथ यह और ज्यादा पढ़ जाती है.

आप सोचते हैं यह तो आपकी बचपन की आदत है यहां तक कि परिवारवाले भी आपको एक समय बाद डांटना बंद कर देते हैं यह कहकर कि “इसकी ये आदत नहीं छूटेगी” लेकिन इस बारे में विशेषज्ञों की राय कुछ अलग है. हालिया शोध के बाद डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत से ज्यादा एक बीमारी का संकेत है जो आगे चलकर गंभीर परिणाम पैदा करता है.

हावर्ड मेडिकल स्कूल, बोस्टन के प्रोफेसर और इस शोध के मुखिया डॉ. डब्ल्यू, विंकमैन का कहना है कि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति औसतन नींद ना आने से पहले 200-300 बार अपने पैर हिलाता है. शोधकर्ताओं का यह स्पष्ट कहना है कि लगातार पैर हिलाने जैसी बीमारी से दिल का दौरा पड़ने की संभावना तो तेज होती ही है लेकिन साथ ही हृदय संबंधित अन्य बीमारियां भी व्यक्ति को घेर लेती हैं.

मेडिकल साइंस में रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के नाम से कुख्यात इस बीमारी का कारण नींद ना आना है. जब व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान होता है या बचपन से ही उसे नींद ना आने की बीमारी है तो कुछ समय बाद वह रेस्टलेस लेग सिंड्रोम की चपेट में चला ही जाता है. इस बीमारी से ग्रस्त लोगों को कार्डियोवैस्कुलर संबंधित बीमारियां अपना शिकार बना लेती हैं और लगातार पैर हिलाते रहने से ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दिल की धड़कनों की गति भी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से आगे चलकर जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है.

अब बस इस वजह से यह सोच लेना कि यह शोध विदेशी पृष्ठभूमि पर आधारित है इसीलिए भारत में इसका कोई खास महत्व नहीं है गलत होगा. कभी-कभी विदेशी शोधकर्ता भी कुछ काम लायक शोध कर ही लेते हैं. वैसे भी पैर हिलाना अच्छी आदत तो है नहीं इसीलिए अगर आप ऐसा करते हैं तो जल्द से जल्द इस आदत से छुटकारा पाइए, यही आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा.

सेक्स के मैदान में भी बाजी मार ले जाती हैं महिलाएं

अभी तक यह माना जाता था कि जब बात शारीरिक संबंधों की आती है तो उसमें महिलाओं को शालीन करार देकर पुरुषों के मुकाबले पीछे धकेल दिया जाता है. इसके पीछे यह आधार दिया जाता है कि सेक्स संबंधों में सबसे ज्यादा दिलचस्पी पुरुषों की होती है जबकि महिलाएं सिर्फ उनका सहयोग करती हैं. ऐसा माना जाता रहा है कि महिलाओं के भीतर सेक्स की इच्छा का स्तर बहुत कम होता है इसीलिए वह केवल अपने साथी की खुशी के लिए ही शारीरिक संबंध बनाती हैं.

लेकिन समय के साथ-साथ धारणाओं और मानसिकता में बदलाव लाना भी जरूरी होता है इसीलिए अगर अब तक आप महिलाओं के विषय में ऐसी ही धारणा रखते थे तो आपको अपडेट होने की आवश्यकता है, क्योंकि हाल ही में हुआ एक अध्ययन कुछ और ही बयां कर रहा है.

यूकेमेडिक्स द्वारा संपन्न एक ऑनलाइन अध्ययन के अनुसार दुनियाभर के पुरुष अपनी महिला साथी की अपेक्षा सेक्स में फिसड्डी साबित हो रहे हैं और महिलाएं अपने पुरुष साथी  पर भारी पड़ रही हैं, जबकि पहले शारीरिक संबंधों के मामले में हमेशा पुरुष ही आगे रहते थे.

इस अध्ययन में दुनिया के विभिन्न देशों ने भाग लिया जिसमें यह प्रमाणित हुआ कि लगभग 62 प्रतिशत पुरुष अपनी महिला साथी की अपेक्षा सेक्स के मैदान में पिछड़ते जा रहे हैं. उल्लेखनीय है कि सर्वे में शामिल हर तीसरे पुरुष का कहना था कि उनकी सेक्स करने की इच्छा में कमी आने लगी है, जिसकी वजह से वह हर समय सेक्स ना करने के बहाने तलाशते रहते हैं.


वहीं एक अन्य सर्वेक्षण के अनुसार यह तथ्य सामने आया है कि पुरुषों में यौन संतुष्टि का आंकड़ा 38 से घटकर 27 रह गया है. इतना ही नहीं एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य कि 4 में से एक पुरुष अपनी महिला साथी के साथ सेक्स कर ही नहीं रहा, भी इस अध्ययन की स्थापनाओं में प्रमाणित किया गया है. सर्वेक्षण के अनुसार पुरुषों में कम हो रही सेक्स की इच्छा के कारण दंपत्तियों के आपसी संबंधों में दूरी आने लगी है और महिलाओं में सेक्स के प्रति इसी असंतुष्टि के कारण तलाक के मामलों में बढ़ोत्तरी होने लगी है.

भारतीय परिदृश्य के अनुसार अगर उपरोक्त अध्ययन पर नजर डाली जाए तो एक बड़ा और उल्लेखनीय तथ्य जो हमारे सामने आता है वो यह कि विभिन्न व्यक्तियों में सेक्स की इच्छा का स्तर भी अलग-अलग होता है और सेक्स से जुड़ी उत्तेजना के स्तर को सेक्स ड्राइव से जोड़कर देखा जाता है. अगर कोई व्यक्ति मानसिक या शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है या दबाव महसूस करता है तो उसकी सेक्स ड्राइव कमजोर पड़ने लगती है जिसके परिणामस्वरूप धीरे-धीरे वह स्वयं ही सेक्स से दूरी बना लेता है और यह कब हो जाता है उसे पता भी नहीं चलता. पारिवारिक जिम्मेदारियों, काम के दबाव में आकर जाहिर सी बात है पुरुष मानसिक रूप से कमजोर पड़ जाता है या केवल सेक्स ही उसकी प्राथमिकता नहीं रह जाती. वैसे भी एक उम्र के बाद तो सेक्स में दिलचस्पी कम हो ही जाती है. लेकिन महिलाओं का सेक्स संबंधों में बाजी मार लेने जैसी बात कम से कम भारतीय महिलाओं के विषय में नहीं कही जा सकती क्योंकि आज भी कहीं ना कहीं उनमें शालीनता देखी जा सकती है. भले ही वह बोल्ड और मॉडर्न हो रही हों लेकिन सेक्स के मामले में अपने पुरुष साथी से आगे निकलना, यह स्वभाव वर्तमान समय के अनुसार तो ठीक नहीं कहा जा सकता. हालांकि अपवाद हर जगह होते हैं लेकिन सार्वभौमिक तौर पर इस पर एकमत नहीं हुआ जा सकता.

हर महिला चाहती है उसके साथी में ये खूबियां हों !!

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि एक लड़की को समझना बहुत मुश्किल है, एक लड़की के दिल में क्या चल रहा है इस बात का अंदाजा लगाना संभव नहीं है……. तो यकीन मानिए आपका सोचना बिल्कुल सही है. वह आपकी पत्नी हो या गर्लफ्रेंड सच यही है कि आप जितना उसे समझने की कोशिश करेंगे उतने ही ज्यादा उसकी बातों और भावनाओं की उधेड़बुन में उलझते जाएंगे. वह आपसे कब, कौनसी उम्मीद लगा बैठे इसका अंदाजा आपको तभी होता है जब आप उस उम्मीद को तोड़ देते हैं.


खैर कुछ ऐसी बातें या कहें अपेक्षाएं हैं जो हर महिला अपने पुरुष साथी से करती ही है. अब आप यह भी जानना चाहेंगे कि वह उम्मीदें कौन सी हैं तो हम आपकी इस परेशानी को हल कर देते हैं. निम्नलिखित कुछ बिंदु आपको अपनी महिला साथी का फेवरेट बना देंगे. अगर आपने पूरी ईमानदारी के साथ इन सुझावों पर अमल किया तो यह आप ही के लिए फायदे का सौदा साबित होगा.

साथी चाहिए सुपरमैन जैसा: आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन भले ही आपकी महिला साथी कितनी ही स्ट्रॉंग या बोल्ड क्यों ना हो लेकिन उसे हमेशा अपने साथी से यही अपेक्षा रहती है कि वह उसे सिक्योर करें, हर मुश्किल में उसके सामने ढाल की तरह खड़े हों. जब वह आपके साथ होती हैं तो वह सिर्फ और सिर्फ आप ही पर निर्भर करना चाहती हैं और आपको उनकी इस इच्छा का ख्याल रखना चाहिए.


खुशबू का कमाल: परफ्यूम लगाना लड़कियों को बहुत पसंद होता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इसकी जरूरत नहीं है. अच्छी खूशबू सभी को अपनी ओर खींचती है और लड़कियों को तो वैसे भी खुशबू से बहुत प्यार होता है. इसीलिए डियो या परफ्यूम का साथ कभी ना छोड़ें. बस इतना ध्यान रखें कि आप जो परफ्यूम इस्तेमाल कर रहे हैं वह आपकी बॉडी की गंध से मेल खा भी रही है या नहीं. जरूरी नहीं आपका दोस्त जिस परफ्यूम का प्रयोग करता है उसकी खुशबू आपसे भी उतनी ही मैच हो.

वाह सरप्राइज गिफ्ट: लड़कियों को सरप्राइज गिफ्ट्स बहुत पसंद होते हैं. आप उन्हें चॉकलेट्स दें, इसके अलावा स्टफ ट्वायज और छोटे-छोटे तोहफे देकर खुश कर सकते हैं. यकीन मानिए हर लड़की यही चाहती है कि उसका साथी उसके लिए कुछ ना कुछ स्पेशल करता रहे.


ईमनादारी: यह एक ऐसी खूबी है जो हर लड़की अपने साथी में देखना चाहती है. लड़कियां पोजेसिव होती हैं लेकिन वह अपने साथी की हर गलती को माफ कर सकती हैं बशर्ते आप उनके प्रति ईमानदार रहें. आप उनके साथ पूरी तरह पारदर्शिता बरतें तो देखिए वह आप पर अपने प्यार की बारिश कर देंगी.


हीरो नहीं डीसेंट लड़का: आप फिल्म के हीरो की तरह खुद को तैयार करेंगे या उन्हीं की कॉपी जैसे कपड़े पहनेंगे तो आपकी गर्लफ्रेंड आपमें दिलचस्पी लेना बंद कर देगी. लड़की अपने साथी से यही अपेक्षा रखती है कि वह अच्छी तरह तैयार हों और साफ सुधरे कपड़े पहनें. इतना ही नहीं वह आपको फिट भी देखना चाहती हैं इसीलिए अपने ऊपर भी थोड़ी बहुत मेहनत करनी शुरू कर दें.

एक श्राप ने उजाड़ दी भानगढ़ की खुशियां!!

दुनिया में ऐसे बहुत से स्थान हैं जहां बुरी आत्माओं ने अपना कब्जा जमा रखा है. इतिहास के पन्नों को पलटें तो ये वही स्थान हैं जो एक समय पहले काफी खुशहाल हुआ करते थे और बस एक बुरी नजर की वजह से वह स्थान आज श्रापित हो गए हैं. जहां पहले वहां चारों ओर खुशहाली हुआ करती थी आज वह स्थान अंधेरों के बीच कहीं खो गया है. ऐसा ही एक स्थान है भानगढ़ का किला(Haunted Bhangarh Fort), जो अपनी भूतहा कहानियों को लेकर काफी चर्चाओं में है. शायद बहुत ही कम लोग यह जानते होंगे कि यह कहानियां नहीं बल्कि एक ऐसी खतरनाक सच्चाई है जिससे आज तक पीछा नहीं छुड़वाया जा सका है.



Bhangarh Fort Rajasthan

सत्रहवीं शताब्दी में राजा सवाई मान सिंह के छोटे भाई राजा माधो सिंह ने भानगढ़ किले (Haunted Bhangarh Fort) का निर्माण करवाया था और किले के चारो ओर पहाड़ों की खूबसूरती है. इस किले के निर्माण में बेहतरीन शिल्पकलाओं का भी प्रयोग किया गया है और साथ ही इस किले में हिंदू देवी-देवताओं के भी मंदिरों का भी निर्माण किया गया है. भानगढ़ किले (Haunted Bhangarh Fort)का निर्माण बेहद मजबूत पत्थरों से किया गया था जो आज भी जस के तस स्थित हैं.


लेकिन इस खूबसूरत भानगढ़ किले की एक भयानक सच्चाई इसके अंदर कैद है और वह है एक तांत्रिक का श्राप, जिसकी वजह से आज भी इस किले में शाम ढलते ही रूहों और आत्माओं की आवाज आने लगती है.

कहते हैं भानगढ़ (Haunted Bhangarh Fort) की राजकुमारी रत्नावती बहुत खूबसूरत थी. आसपास के राज्यों के सभी राजकुमार उससे विवाह करना चाहते थे लेकिन रत्नावती को कोई भी पसंद नहीं आता था. लेकिन उसी राज्य में रहने वाला सिंघिया, जो काले जादू का ज्ञाता था कि नजर भी रत्नावती पर थी. वह रानी रत्नावती के रूप का दीवाना था और उससे विवाह करना चाहता था लेकिन रत्नावती ने कभी उसे पलटकर नहीं देखा था.


जिस दुकान से रानी रत्नावती के लिए इत्र जाता था उसने उस दुकान में जाकर रत्नावती को भेजे जाने वाली इत्र की बोतल पर काला जादू कर उस पर वशीकरण मंत्र का प्रयोग किया. लेकिन अपने इस काले जादू का असर सिंघिया पर पलट गया और एक भारी-भरकम पत्थर के नीचे आने से काले जादूगर सिंघिया की जान चली गई. लेकिन मरते-मरते उसने राजकुमारी समेत पूरे भानगढ़ को यह श्राप दिया कि इस महल और भानगढ़ में रहने वाले सभी लोग मर जाएंगे और वह फिर कभी जन्म भी नहीं ले पाएंगे, उनकी आत्मा हमेशा इसी स्थान पर कैद रहेंगी.

सिंघिया की मौत के कुछ ही दिनों बाद भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच कत्लेआम हुआ जिसमें राजकुमारी रत्नावती समेत सभी भानगढ़ वासियों की मौत हो गई.

रात को इस किले (Haunted Bhangarh Fort) में जाना पूरी तरह निषेध है. लेकिन जिन-जिन लोगों ने वहां मौजूद आत्माओं की पड़ताल करने की कोशिश की उनका कहना था कि रात के समय वहां औरतों की चीखें और सैनिकों के चलने की आवाजें आती हैं. पूरी रात वहां शोर-शराबा होता रहता है और खतरनाक आवाजें आती रहती हैं.

शाम ढलते ही घेर लेती हैं शैतानी आत्माएं

कभी यह स्थान बहुत खूबसूरत हुआ करता था लेकिन आज इसे शैतानी रूहों ने अपने कब्जे में ले लिया है. यह आत्माएं इतनी खतरनाक और दुष्ट हैं कि दिन ढलते ही जो भी व्यक्ति अपनी मौजूदगी यहां दर्ज करवाता है उसे वह अपना शिकार बना लेती हैं.


बहुत से लोग हैं जिन्हें आत्माओं, पारलौकिक शक्तियों और शैतानी ताकतों जैसी किसी भी चीज पर विश्वास नहीं होता, वह ऐसी बातों को मनगढंत मानकर झुठला देते हैं लेकिन यह भी सच है कि किसी के झुठलाने से या टाल देने से सच नहीं बदलता.

भोपाल के शिवपुरी में स्थित 2100 साल पुराना किला एक जमाने पहले बेहद खुशनुमा हुआ करता था. लेकिन अब यहां रात तो क्या दिन में कोई आने का साहस नहीं करता. लोगों का कहना है कि यहां रात के समय घुंघुरुओं की आवाजें आती हैं जो दूर-दूर तक लोगों को सुनाई देती हैं.


स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन ढलते ही यहां महफिल जमती है जिसमें प्रेत-आत्माएं शामिल होती हैं और जिन-जिन लोगों ने उस महफिल को देखा उनकी तुरंत ही मौत हो गई.

भोपाल के शिवपुरी में एक छोटा सा कस्बा है पोहरी, जहां यह किला स्थित है. इस स्थान के बारे में कोई नहीं जानता लेकिन जब से मीडिया में यहां होने वाली संदेहास्पद घटनाओं को प्रचारित किया गया है तभी से लोगों को यह समझ आने लगा है कि यहां कुछ ना कुछ गड़बड़ जरूर है.


वे लोग जो भूत-प्रेत और आत्माओं के होने जैसी बातों पर यकीन नहीं करते अब तो वो भी इस किले को श्रापित समझने लगे हैं. इस स्थान की अपनी तो कोई पहचान नहीं है लेकिन जब से इस किले के भूतहा होने की बात सामने आई है तब से लोग पोहरी को पहचानने लगे हैं. पहले इस किले में दिन में स्कूल भी चला करता था लेकिन जब बच्चों ने वहां कुछ अजीबोगरीब हरकतें महसूस की तो वहां स्कूल लगना भी बंद हो गया है.

यह किला वीर खांडेराव का है और लोगों का कहना है कि यहां जो महफिल जमती है वह वीर खांडेराव की सभा है. वही रात के समय अपनी नर्तकियों के साथ महफिल जमाते हैं. यहां रात को आत्माएं पूरे किले को अपने कब्जे में ले लेती हैं और घनी झाड़ियों के बीच घिरे इस जंगल में अगर गलती से भी कोई रात के समय रुक गया तो उसका हश्र अच्छा नहीं होता.


स्थानीय लोगों का तो यह भी कहना है कि 2100 वर्ष पुराने इस किले में वीर खांडेराव का डेरा था लेकिन उनकी मृत्यु के बाद यहां कोई परिवार कभी टिक नहीं पाया. कहते हैं एक परिवार ने यहां रहने का साहस किया तो पहले ही दिन घर की महिलाएं अजीबोगरीब हरकतें करने लगीं. उन्हें तंत्रविद्या से ठीक करवाया गया. कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि इस किले के भीतर खजाना छिपा है जिसकी रक्षा यहां भटकने वाली आत्माएं करती हैं. लेकिन सच क्या है इसका पता लगाने की किसी की हिम्मत नहीं है.

खौफनाक रातों में दिल्ली डराती भी है

देश की राजधानी दिल्ली को हिंदुस्तान का दिल भी कहा जाता है. लेकिन इस दिल में भी कुछ ऐसे राज दफ्न हैं, जिन्हें सुलझा पाना बहुत कठिन या कहें नामुमकिन है. दिल्ली ना सिर्फ राजनीतिक घटनाक्रमों या स्वतंत्रता आंदोलनों की साक्षी रही है बल्कि एक ऐसी अंधेरी दुनिया से भी इसका साक्षात्कार होता रहा है जो बेहद खौफनाक है. आज हम आपको दिल्ली जैसे महानगर की उन काली गलियों से रूबरू करवाएंगे जहां जाने से लोग सहमते और कतराते  हैं, क्योंकि उन्हें लगता है वहां आत्माओं का वास है.

1. दिल्ली कैंट: दिल्ली का खूबसूरत और शांत इलाका जहां सेना के कई मुख्यालय हैं, वह भले ही बाहरी शत्रुओं से पूरी तरह सुरक्षित हो लेकिन अंदरूनी बुरी ताकतों से वह आज भी उसी तरह घिरा हुआ है जैसे कभी हुआ करता था. वहां एक ऐसी बुरी आत्मा घूमती है जो हर आने जाने वाले को परेशान करती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ऐसी लड़की की आत्मा सफेद लिबास में इस जगह के आसपास घूमती है जो हर आने जाने वाले से लिफ्ट मांगती है लेकिन जैसे ही उसे लिफ्ट दी जाती है वह अपने आप गायब हो जाती है.

2. खूनी दरवाजा: जैसा कि इस जगह का नाम ही यह साफ बता रहा है कि यह जगह बेहद डरावनी है. बहादुरशाह जफर के तीन शहजादे, मिर्जा मुगल, क्रिज सुल्तान के अलावा उसके पोते अबु बकर को ब्रिटिश जनरल विलियम हडसन ने गोली से छलनी कर दिया था. इसीलिए यहां आने वाले हर विदेशी को इन तीन मुगल शाहजादों की आत्माएं बहुत परेशान करती हैं, वह हर विदेशी से अपनी मौत का बदला लेना चाहती हैं.


3. जमाली कमाली मस्जिद: दो महान सूफी संतों, जमाली-कमाली को इस मस्जिद में दफनाया गया था. यहां रात के समय आने वाले लोगों ने महसूस किया है कि उनके आसपास कोई शक्ति मौजूद है जो उन्हें थप्पड़ मारकर चली जाती है और उसके जाने के बाद हवा उन्हें चारों ओर से घेर लेती है.

4. संजय वन: बरगद के पेड़ों से घिरा यह जंगल भी बुरी आत्माओं के प्रकोप से बच नहीं पाया है. बेहद घना होने की वजह से यहां कई बार अजीबोगरीब आवाजों को तो सुना ही गया है लेकिन यहां आने वाले शिकारियों ने किसी सफेद कपड़े पहने महिला को पेड़ के आसपास घूमते देखा है.


5. लोथियन सिमेट्री: ईसाई धर्म के लोगों के शव को इस कब्रिस्तान में दफनाया जाता है. कब्रिस्तान होने की वजह से यहां आत्माओं से जुड़ी कई कहानियां भी प्रचलित हैं. कुछ लोगों ने यहां सिर कटी आत्मा को कब्र के पास बैठे देखा है और जानकारों का कहना है कि यह एक सैनिक का भूत है जिसे उसकी प्रेमिका ने ठुकरा दिया था. प्रेम में ठुकराए जाने के बाद उसने अपनी गर्दन काट ली थी. उसकी आत्मा हर अमावस्या की रात यहां टहलती देखी जाती है.

पैसे की भी नदियां बहती हैं !!!

धन-संपत्ति और आलीशान रहन-सहन सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है. जिसके पास पैसे और नाम के साथ पॉवर भी है समझो यह दुनिया उसी के आगे सिर झुकाती है. आज हम आपको ऐसी ही कुछ बेहद चर्चित शख्सियतों के बारे में बताएंगे जिनकी पैसे की ताकत इतनी अधिक विस्तृत थी या है कि कोई भी उनके आगे खड़ा होने से भी डरता था. सिलेब्रिटी नेट वर्थ नाम की एक वेबसाइट की स्टडी में बीते हजार सालों में दुनिया में जितने भी अमीर हुए हैं उनके बारे में बताया गया है:

मान्सा मूसा प्रथम (1280) – 14वीं शताब्दी में पश्चिमी अफ्रीका में मालियन साम्राज्य का शासन हुआ करता था. इस साम्राज्य के राजा मांसा मूसा प्रथम उस सदी का सबसे अमीर व्यक्ति था. वर्ष 1337 में मूसा की मृत्यु हुई और उस समय उसकी संपत्ति इतनी थी जिसकी गिनती कभी खत्म ही नहीं हो सकती थी. एक अनुमान के अनुसार मृत्यु के समय मूसा 400 बिलियन डॉलर के मालिक थे. उल्लेखनीय है कि उनके शासन तले देश में अधिकांशत: नमक और सोने का उत्पादन होता था. अपने शासनकाल के दौरान मूसा ने एक मस्जिद भी बनवाई थी जो आज भी बुलंद खड़ी है. हैरानी की बात तो यह है कि आने वाली दो पीढ़ियां भी अपने पूर्वज मूसा की संपत्ति का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए थे.

रोथशील्ड फैमिली (1744) – 18वीं शताब्दी की तो बात ही छोड़ें यह परिवार तो आज के समय में भी दुनिया के सबसे अमीर परिवारों में शामिल है. रोथशील्ड परिवार की संपत्ति आज 350 बिलियन डॉलर है. 18वीं सदी में यूरोप में बैंकिंग और फाइनेंस वेंचर को स्थापित करने का सारा श्रेय रोथशील्ड फैमिली को ही जाता है. रोथशील्ड फैमिली के सदस्य अमशेल रोथशील्ड को इंटरनेशनल फाइनेंस का पितामह माना जाता है. आज खदान, बैंकिंग, फाइनेंस, एसेट मैनेजमेंट जैसे सभी व्यापारिक क्षेत्रों में रोथशील्ड फैमिली का दबदबा है.

जॉन डी रॉकफेलर  (John D Rockfeller- 1839) :340 बिलियन संपत्ति के साथ जॉन डी रॉकफेलर को इस सूची में तीसरा स्थान दिया गया है. 1870 में जॉन ने स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी की शुरुआत की जिसने बाद के कुछ सालों में अमेरिका के तेल कारोबार पर कब्जा जमा लिया था. लेकिन टी कंपनियों अमोको, शेवरो कोनोको और एक्सोनमोबिल जब बाजार में उतरी तो रॉकफेलर के एक छत्र साम्राज्य का अंत हुआ. उल्लेखनीय है कि रॉकफेलर पहले ऐसे अमेरिकी नागरिक थे जिनकी व्यक्तिगत संपत्ति इतनी अधिक थी.

एंड्रयू कार्नेज (Andrew Carnegie – 1835) : स्कॉटिश-अमेरिकी उद्योगपति एंड्रयू एक सुप्रसिद्ध स्टील इंडस्ट्री के मालिक थे. वर्ष 1901 में उन्होंने अपनी कंपनी जे.पी मॉर्गन को 480 मिलियन डॉलर में बेच दिया जिसके बाद कार्नेज की संपत्ति 310 बिलियन डॉलर हो गई थी. कंपनी बेचने के बाद वह चैरिटी के लिए समय निकालने लगे और आप विश्वास नहीं करेंगे कि उन्होंने अपनी 30 मिलियन संपत्ति चैरिटी में दे दी थी.

जार निकोलस द्वितीय (Zar Nicolas Second- 1898) : रूस के जार रहे निकोलस एक चर्चित नाम हैं. अपने शासनकाल में जार निकोलस 300 बिलियन डॉलर संपत्ति के मालिक थे. मार्क्सवादी रूसी लेबर पार्टी ने जार निकोलस और उनके परिवार की हत्या कर दी थी जिसके बाद रूसी जार प्रथा का अंत हो गया था.

मीर ओस्मान अली खान (Meer Osman Ali Khan – 1886) : हैदराबाद के निजाम रहे मीर ओस्मान अली खान के पास सोने का एक बहुत व्यापर भंडार था. एक अनुमान के अनुसार इस भंडार का मूल्य 100 मिलियन डॉलर था. इसके अलावा ओस्मान के पास 400 मिलियन डॉलर मूल्य की ज्वेलरी और लगभग 95 मिलियन डॉलर का एक बेशकीमती जैकब हीरा था. वह इस हीरे का प्रयोग एक पेपर वेट की तरह करते थे. निजाम की संपत्ति 236 बिलियन डॉलर थी.

मुअम्मर गद्दाफी (Muammar Gaddafi – 1942) :लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी की मौत से पहले उनके पास 200 बिलियन डॉलर की संपत्ति थी. 2011 में मुअम्मर गद्दाफी की मृत्यु के साथ ही विदेशों में जमा उनकी लगभग 70 बिलियन डॉलर की संपत्ति को सीज कर दिया गया. मुअम्मर गद्दाफी के पास एयरबस ए-340 प्राइवेट जेट था, जो उन्होंने 2003 में सऊदी अरब के प्रिंस अल वलीद से 120 मिलियन डॉलर में खरीदा था.

हेनरी फोर्ड (1863) – फोर्ड मोटर कंपनी के संस्थापक हेनरी फोर्ड ने अपनी कंपनी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए असेंबली तकनीक को बढ़ावा दिया. वह पहले ऐसे आदमी थे, जिन्होंने अमेरिका में आम आदमी के बीच कारों को लोकप्रिय बनाया. वर्ष 1947 में उनकी मृत्यु हुई और उस समय वह 199 बिलियन डॉलर के मालिक थे.

कोरनेल्यूस वेन्डरबिल्ट (Cornelius vanderbilt -1794) : स्टीम बोट इंडस्ट्री से शुरुआत करने वाले वेन्डरबिल्ट ने जब 70 रेलरोड के बिजनेस में हाथ डाला तभी उनकी संपत्ति में अचानक उछाल आया.  1877 तक उनकी संपत्ति 185 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी. उन्होंने मेनहट्टन और स्टेटन आइलैंड में रियल स्टेट के बिजनेस से भी खूब पैसा कमाया.

बिल गेट्स (Bill Gates – 1955) : 1999 में दुनिया के सबसे अमीर आदमी का खिताब अपने नाम कर चुके माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा चैरिटी को दे दिया. उनकी 62.5 बिलियन डॉलर की संपत्ति 2012 के समय के हिसाब से 136 बिलियन डॉलर के आसपास है.

वो मानव जाति की तबाही का इंतजार कर रहा है

हम मानव भले ही खुद पर कितना इतराएं, अपनी उपलब्धियों पर कितना ही गर्व कर लें. लेकिन कोई ऐसा है जो जानता है कि ये उपलब्धियां हमारी अपनी नहीं हैं. हम अपनी जिस बनावट पर गर्व करते हैं वो हमारी नहीं है. आपको भले ही यह जानकर हैरानी हो लेकिन बहुत से लोग ऐसा मानते हैं कि हम इंसान इस धरती की प्राकृतिक प्रजाति नहीं हैं. हमें एलियन के डीनए से विकसित किया गया है. यह सब जानने के बाद आप जरूर यह भी सोच रहे होंगे कि अगर मनुष्य, जो धरती को अपना मानता है वही इस धरती का अपना नहीं है तो फिर कौन है जो इस धरती का प्राकृतिक जीव है, जिसका उद्भव इसी धरती पर हुआ है?


यती, येती या योवी, चाहे आप इसे जिस भी नाम से पुकार लें लेकिन विशेषज्ञों का एक समूह यह दावा करता है कि यही इस धरती का प्राकृतिक जीव है, सिर्फ इसी ने ही धरती पर जन्म प्राकृतिक अवस्था में जन्म लिया था और इंसानों की वजह से वह खुद ऐसी जगहों पर रहने के लिए विवश है जहां उसे कोई देख नहीं सकता. यति का शारीरिक ढांचा आम मनुष्य जैसा ही है लेकिन उनका कद और आकार काफी विशाल होता है, इतना ही नहीं उनके शरीर पर लंबे-घने बाल भी होते हैं और कुछ तो यह भी मानते हैं कि इनके पास जादुई ताकतें भी होती हैं.


इंसानों की वजह से आज वह ऐसे जंगलों और कंदराओं में रहने के लिए विवश है जहां कोई आता-जाता नहीं है. वर्तमान समय में इन्हें बिगफुट के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि शरीर का आकार बड़ा होने के कारण इनके पैर के पंजे भी बहुत बड़े होते हैं. किसी ने भी यति को देखा नहीं है लेकिन उसके पैर के निशान कई बार पाए गए हैं, लेकिन फिर भी कोई भी वैज्ञानिक या शोधकर्ता बिगफुट के इस रहस्य को नहीं सुलझा पाए हैं.


भारत में येति को हिममानव भी कहा जाता है क्योंकि इसके बड़े-बड़े पैरों के निशानों को हिमालय की बर्फ से लदी चोटियों पर देखा गया है. वह उसके रहने के लिए सबसे उपयुक्त स्थान माना जाता है. येति का उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में भी देखने को मिला है. दो प्रमुख वेदों ऋगवेद और सामवेद में येति का वर्णन किया गया है.

आधुनिक वैज्ञानिक भले ही इसे सही करार ना दें लेकिन प्राचीन समय में एलियन पर रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं का मानना था कि धरती पर आकर एलियन ने ऐसी मानव जाति बनाई जो देखने में सुंदर थी और साथ ही उनके शरीर पर ज्यादा बाल भी नहीं थे. इतना ही नहीं यति के व्यवहार में जानवरों की जो हरकतें हुआ करती थीं उन्हें भी एलियन्स ने मानव जाति से निकाल दिया.

विभिन्न वैज्ञानिक शोधों से यह पता चला है कि येति ही धरती के असल जीव हैं जबकि इंसानों की पैदाइश एलियन ने की है. हालांकि कुछ यह भी मानते हैं कि यह भी हो सकता है कि शायद एलियंस जब धरती पर आए थे तो उन्होंने इंसानों और चिंपाजियों के जीन को मिलाकर एक नई प्रजाति विकसित की जिसे आज येति, यति या बिगफुट के तौर पर जाना जाता है.


वहीं कुछ लोग येति को ही एलियन का आविष्कार मानते हैं जिसे चिंपांजी और इंसानों के मिश्रित डीएनए से विकसित किया गया है और जिसे देखने और हाल जानने के लिए ही एलियन समय-समय पर धरती पर आते हैं.

अब सच क्या है यह तो अभी भी शोध का विषय है लेकिन यह बात तो सच है कि धरती पर हिममानव का वास है और वह अपने शत्रु इंसानों, जिन्होंने उसे ही गुप्त वास में रहने के लिए मजबूर किया, के विनाश का इंतजार कर रहा है.

क्या शरीर की तलाश में वो साया भटक रहा है

हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां हर मोड़ पर इंसानों के भीतर डर और सिहरन पैदा करने के लिए आत्माएं और अन्य शैतानी ताकतें अपना रौब दिखाती रहती हैं. अब आप भले ही इस तथ्य पर यकीन ना करें लेकिन आपकी हर हरकत, हर कदम पर बुरी व अच्छी आत्माओं की नजर रहती है. यह आत्माएं आपको एक पल के लिए भी तन्हा नहीं छोड़तीं, हां कई बार भीड़भाड़ से बचते हुए वह आपको अकेलेपन में ही अपने होने का एहसास करवाती हैं. ऐसी ही एक घटना से हम आज आपको रुबरू करवाने जा रहे हैं जो कोई कहानी नहीं बल्कि एक आम इंसान के साथ घटित एक खौफनाक घटना है.

बाद आज से कुछ 5-10 साल पुरानी है. अशोक नाम का एक व्यक्ति जिसका गांव पूर्वी उत्तर-प्रदेश के एक कस्बाई इलाके में था. वैसे तो वो दिल्ली में नौकरी करता था लेकिन घर आए हुए काफी समय बीत चुका था इसीलिए छुट्टी लेकर वह घर आया हुआ था. यह इलाका बेहद सुनसान और घनी झाड़ियों के बीच बसा हुआ था और इन घनी झाड़ियों की बीच शाम के समय अकसर सन्नाटा ही पसरा रहता था.


अशोक को बचपन से ही छत पर सोने की आदत थी और बड़े होने के बाद जब भी वह गांव जाता तो अपने घर की खुली छत पर ही सोता था. लेकिन एक रात छत पर सोना ही उसके लिए महंगा साबित हुआ क्योंकि यह वो रात थी जब उसका सामना एक ऐसे साये से हुआ जो नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उसके पास तो आया लेकिन अशोक की सूझबूझ की वजह से वह उसका बाल भी बांका नहीं कर सका.


रात का करीब एक बजा था कि अचानक किसी आवाज ने अशोक की नींद खोल दी. वह अपनी चारपाई से उठ कर छत की रेलिंग के पास जाकर आसपास देखने लगा. उसे अपने घर से थोड़ी ही दूर पर किसी साये को इधर-उधर घूमते हुए देखा, छोटा सा कस्बाई इलाका था उसे लगा शायद कोई अपने घर से बाहर आया होगा. वह वापिस जाकर चारपाई पर लेट गया. उसे फिर कुछ आवाज सुनाई दी लेकिन इस बार आवाज थोड़ी ज्यादा पास से आ रही थी.

वह फिर उठा और छत से नीचे देखने लगा. उसे अपने घर के पास ही एक साया दिखाई दिया लेकिन खौफनाक बात यह थी कि वह सिर्फ साया था उसका शरीर नहीं था. इतने में उसे सीढ़ियों पर किसी के बहुत ही तेजी के साथ चढ़ने की आवाज सुनाई दी. 1 मिनट से भी कम समय में वह साया उसकी नजरों के सामने खड़ा था. उसकी शक्ल, हाथ-पैर कुछ भी नहीं था, अगर कुछ था तो वह सिर्फ एक सफेद साया जो धीरे-धीरे अशोक की तरफ बढ़ता जा रहा था.

कहते हैं बुराई को काटने के लिए अच्छाई का ही सहारा लिया जाता है इसीलिए उस साये से खुद को बचाने के लिए उस समय अशोक ने कवच कीलक अर्गला मंत्र का जाप करना शुरू कर दिया. वह लगातार 5 मिनट तक यह जाप करता रहा और वह साया उनके पास आता रहा. अचानक ही वह साया अंतरध्यान हो गया. वह हवा था और एक दम से हवा में बहकर गायब हो गया. वह कहां गया, कहां से आया था कुछ पता नहीं चला लेकिन कुछ समय जब तक वह साया अशोक के सामने रहा उन चंद लम्हों ने अशोक के हाथ-पांव फुला दिए थे.

अफजल गुरू मरने के बाद वापिस आ गया है

बिना उसे बताए उसकी फांसी का दिन मुकर्रर कर दिया गया. जब उसे उस मौत के तख्ते की ओर ले जा रहे थे तब उसके चेहरे पर डर और जीने की इच्छा दिखाई दे रही थी लेकिन उसकी नियति को कुछ और ही मंजूर था और वही हुआ जो होना था या कहे जो होना चाहिए था. उसे सजा मिली वो भी मौत की और अब उसकी आत्मा अपनी मौत का बदला लेने के लिए भटक रही है.


“एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़, जिसमें संसद हमले के दोषी कश्मीरी जेहादी अफजल गुरू को फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया, लेकिन अब वह मरने के बाद वापिस आ गया है.” यह हम नहीं बल्कि अफजल के साथ रहे तिहाड़ जेल के अन्य कैदी कह रहे हैं जिन्हें आजकल अपने आसपास अफजल के होने का एहसास होता है.

अब इसे उन कैदियों के भीतर छिपा डर कह लें, अंधविश्वास या फिर वाकई भटकती आत्मा का कहर लेकिन जेल की चारदीवारी के पीछे कुछ तो है जो लोगों को चैन की सांस नहीं लेने दे रहा. जब-जब वह उस कोठरी को देखते हैं जिसमें अफजल को बंदी बनाकर रखा गया था तो उन्हें वहां उसके होने का एहसास अभी भी होता है.

तिहाड़ से जुड़े लोगों का कहना है कि कैदी वैसे तो एक-दूसरे को तसल्ली देते रहते हैं लेकिन अंदर ही अंदर उन पर भी अफजल की रूह की दहशत घर किए हुए है. उन्हें डर लगता है कि कहीं अफजल अपनी मौत का बदला उनसे ना ले ले.

तिहाड़ के कैदी रात के समय अगर अपने कोठरी से बाहर आते हैं तो उन्हें अफजल के साये की आहट महसूस होती है. एक ऐसी रूह जो मरने के बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ रही है.


उल्लेखनीय बात तो यह है कि तिहाड़ के कैदियों ने जेल प्रशासन को भी यह बात बताई है कि उन्हें अफजल की भटकती रूह से डर लगता है लेकिन जैसा कि आप और हम सभी जानते हैं कि जब तक साक्ष्य ना मिले तब तक इन बातों पर यकीन नहीं किया जा सकता इसीलिए जेल प्रशासन ऐसी किसी भी बात पर यकीन नहीं कर रहा है.

बैरक नंबर 3 जिसमें अफजल को एक लंबी अवधि के लिए बंद कर रखा गया था, उस बैरक के कैदी पूरी रात बस भगवान का नाम लेते-लेते ही गुजारते हैं. उन्हें डर लगता है कि कहीं अफजल उनके सामने ना आ जाए.

कैदियों का डर यह बात सोच-सोच के और ज्यादा बढ़ जाता है कि उन्हें या अफजल दोनों को ही 8 फरवरी की रात तक यह नहीं पता था कि अगली सुबह संसद पर हमले के अपराध में अफजल को फांसी के फंदे पर लटका दिया जाएगा. ऐसे में कहीं मरने के बाद अफजल की आत्मा असमय मृत्यु मिलने के कारण तिहाड़ कैंपस में भटक रही हो तो निश्चित है इससे कैदियों को घबराहट होगी.

सूत्रों का तो यह भी कहना कि तिहाड़ कैदी आजकल एक-दूसरे से किसी और चीज पर बात नहीं करते बल्कि वह सिर्फ और सिर्फ अफजल की मौत और उसकी भटकती रूह से जुड़े अपने अनुभव ही साझा करते हैं. पहले तो लोग इसे वहम और बेवजह की बात करार देते थे अब हालत यह है कि उन्हें भी अफजल के होने का एहसास होता है और कभी कभार उसकी आवाज तक सुनाई देती है. पहले तो यह डर था लेकिन धीरे-धीरे अब यह दहशत का रूप ले चुका है.


हालांकि जेल प्रशासन की मानें तो अफजल गुरू को पूरी रीति-रिवाज के साथ दफन किया गया था इसीलिए यह मुमकिन ही नहीं है कि अफजल की आत्मा भटक रही हो.

जब रूहों को सामने देखकर सहम गए थे लोग

कई बार ऐसा होता है जब हमारे सामने कुछ ऐसा घटित होता है जिसकी उम्मीद भी हमें नहीं होती. जिन शक्तियों को हम अंधविश्वास या मनगढ़ंत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं किंतु जब वो हमारी आंखों के सामने जीवंत रूप लेकर उपस्थित हो जाती हैं तो हमारे पास उन पर विश्वास करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता. ऐसी ही कुछ घटनाएं आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिनका गवाह बनने वाले आपके और हमारे जैसे आम लोग ही थे लेकिन अपने सामने उस आलौकिक ताकत को देखना कोई आसान काम नहीं है.

1. इंगलैंड की ब्राउन लेडी: वर्ष 1936 की एक रात इंग्लैंड स्थित रेहम हॉल में एक महिला के साये को देखा गया. वह साया भूरे रंग के कपड़ों में था जिसकी वजह से उसे आज ब्राउन लेडी के नाम से जाना जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस ब्राउन लेडी का साया नजर आता है उसका नाम लेडी डोरोथी था और वह चार्ल्स टाउनशेंड नामक व्यक्ति की दूसरी पत्नी थी. डोरोथी ने अपने पति के साथ विश्वासघात किया था और सजा के तौर पर चार्ल्स ने उसे कमरे में बंद कर दिया और कमरे में ही उसकी मौत हो गई थी. उल्लेखनीय है कि स्थानीय लोगों ने तो कई बार उस साये को देखने की बात कही थी लेकिन जॉर्ज पंचम ने भी इस साये को देखा था.

2. शिकागो का भूतहा कब्रिस्तान: 1999 में अजीबोगरीब हरकतें महसूस होने के कारण शिकागो के इस कब्रिस्तान को बंद कर दिया गया था. घोस्ट रिसर्च सोसायटी के सदस्य जब इस कब्रिस्तान की जांच के लिए गए तो अपने अत्याधुनिक कैमरों से उन्होंने कुछ तस्वीरें लीं. उस समय वहां का माहौल सामान्य था लेकिन जब वो तस्वीरे डेवलप होकर आईं तो उन्हें देखकर सब हैरान हो गए क्योंकि उसमें एक ऐसी महिला दिखाई दी जिसने बहुत पुराने कपड़े पहने हुए थे, जबकि असलियत में वहां कोई नहीं था.

3. मासूम का साया उस कब्र पर: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में एक मां अपनी मासूम बच्ची की कब्र पर रोज आती थी लेकिन एक दिन जब उसने वहां फोटो खींची तो उसमें वो सब भी कैद हो गया जो असलियत में दिखाई नहीं देता. उल्लेखनीय है कि जब वो फोटो डेवलप होकर आई तो उसमें उसी मासूम का साया दिखाई दिया जिसकी कब्र पर वो आकर अकसर रोया करती थी.


4. खजाने की रक्षा करता है वो साया: रोमानिया देश के सबसे पुराने होटल डिसेबल के विषय में ऐसा माना है कि उसके नीचे बहुत पुराना खजाना छिपा हुआ है. इतना ही नहीं वहां अकसर एक काले साये को घूमते हुए देखा जाता है जिसके बारे में कहा जाता है कि वह खजाने की रक्षा करता है.

5. मरने के बाद भी लौटा उसका प्यार: प्यार हमेशा साथ निभाता है और यह कहावत एक बूढ़े कपल के विषय में सच प्रतीत होती है. अमेरिकी बुजुर्ग महिला डेनियल रसेल अपने परिवार के साथ एक पिकनिक पर गई थी और वहां जो तस्वीरें ली गईं उनमें डेनियल के साथ उनके मृत पति के साये को भी देखा गया. इस घटना के कुछ समय बाद डेनियल की भी मौत हो गई थी इसीलिए ऐसा माना जाता है कि उसके पति का साया उसे साथ ही लेने आया था.

पेड़ पर ही लटकती रहती है उसकी लाश

एक गांव जिसका नाम कोलागढ़ है. उसी गांव के पास वाले जंगल में एक व्यक्ति अपने काम से घर की तरफ वापस आ रहा था. अचानक वो तेज-तेज रोने लगा और कहने लगा कि ‘नहीं! तुम जिंदा हो या मर गई’. पहले उस गांव में कोई भी भूत-प्रेत की बातों पर विश्वास नहीं करता था पर उस दिन के बाद धीरे-धीरे गांव वालों के मन में आत्माओं को लेकर डर बैठ गया.कोलागढ़ गांव में कुछ ऐसा हुआ था कि उस गाँव में एक औरत थी जिसका दिमाग कुछ ठीक नहीं था. उसका पति भी एक घटना में मर गया था तब से वह कुछ अजीब सी हो गई थी. कुछ गांव वाले उसे पागल भी कहते थे. एक बार की बात है जब रात को गांव का एक आदमी जिसका नाम बदरी था वह शहर की ओर कुछ जरूरी काम से निकल पड़ा. गांव से आने जाने का एक ही रास्ता था. बदरी जंगल से गुजर रहा था कि गांव से कुछ दूर ही जंगल में उसे एक औरत की लाश पेड़ पर लटकती हुई नजर आई. वह एक दम डर गया और भागता हुआ गांव वापस आ गया.कुछ लोगों ने बदरी को इस तरह से भागते देख कहा ‘क्या हुआ बदरी तुम तो अभी शहर के लिए निकले थे और तुम भागते हुए वापस क्योँ आ गए’. तब बदरी ने बताया कि उसने अभी किसी की लाश को पेड़ पर लटकते हुए देखा है और वो लाश किसी औरत की है. देखते-देखते सारा गांव इकट्ठा हो गया कि क्या हो गया, कहां है लाश चलो चलकर  देखते हैं.गांव वालों ने जब लाश को जाकर देखा तो वास्तव में किसी औरत की लाश पेड़ से लटकी हुई थी. कुछ लोगों ने कहा इसे नीचे उतारो इसका दाह संस्कार करते हैं पर इतने में ही कुछ गांव वालों ने कहा कि अब दाह संस्कार करने से कुछ नहीं होगा और यदि इस लाश का दाह संस्कार गांव के अंदर किया गया तो इसकी आत्मा गांव के अंदर ही भटकती रहेगी. इस आपसी बहस के कारण गांव वालों ने उस औरत की लाश को पेड़ से लटकता हुआ ही छोड़ दिया और अब वो आत्मा बन गांव के हर किसी व्यक्ति को नजर आती है. गांव वाले अब उस औरत की लाश का दाह संस्कार भी नहीं कर सकते हैं क्योंकि आत्माओं का कभी भी दाह संस्कार नहीं होता है.

लड़कों को समझने का तरीका (लड़कों को पटाने के टिप्स)

लड़की पटाने के टिप्स या तरीके तो सब बताते हैं लेकिन लड़कों को समझने के तरीके बहुत कम मिलते हैं. दरअसल होता यूं है कि लोग समझते हैं प्यार की पहल हमेशा लड़के ही करते हैं क्यूंकि लड़के ज्यादा लफंगे होते हैं लेकिन दिल तो लड़कियों में भी होता है न और वह भी किसी पर जा सकता है. ऐसे में बैचेनी, नींद न आना, पढ़ाई में मन न लगना और दिन में सपने आने जैसे लक्षण लड़कियों में भी दिखते हैं. इस वैलेंटाइन डे के दौरान कितनी लड़कियों ने सोचा होगा कि उनके सपनों का राजकुमार उन्हें आकर गुलाब देगा लेकिन बेवकूफ राजकुमार को क्या पता कि उसके इंतजार में कोई लड़की सूख कर लकड़ी होती जा रही है.

वैसे अब आते हैं मुद्दे की बात पर यानि की लड़कों को अपनी तरफ आकर्षित कैसे करें यानि सरल भाषा में लड़कों को पटाएं कैसे ?

पहले करें दोस्ती: वैसे लड़कों को पटाने में ज्यादा मेहनत नहीं होती. उनके साथ कुछ पल बिताएं, उन्हें लगने लगेगा कि आप उन पर फिदा हैं. वैसे भी लड़कों को दोस्ती और प्यार के बीच की लाइन के बारें में मालूम ही नहीं होता. तो अगर आपको भी किसी लड़के से प्यार है तो पहले दोस्ती करें. अब दोस्ती करने के हजारों बहाने हैं जैसे अगर लड़का आपकी कॉलोनी में रहता है तो उससे पूछ लीजिए कि उसके परिवार में और कौन-कौन है. और अगर लड़का आपके कॉलेज में पढ़ता है तो यार दिक्कत ही नहीं.

उसे देख मुस्काएं: लड़कों में एक पंच लाइन बहुत मशहूर है और वह है ‘हंसी तो फंसी’. जब भी वह लड़का आपकी तरफ देखें तो जवाब में आप एक अच्छी सी स्माइल दें दे. यकीन मानिए 75% काम को हो ही जाएगा.

उसके दोस्तों को हल्की सी भनक लगा दें: अगर कोई लड़का आपके दिल में बार-बार दस्तक देकर आपको परेशान करता है तो आप उसके दोस्तों में छोटी सी अफवाह फैला दें कि आप उस पर मरती है या वह लड़का आपके दिल में बस गया है फिर क्या बाकी के लड़के आपकी छोटी सी बात को मिर्च मसाला लगाकर उस लड़के के सामने पेश करेंगे और आपका काम बन जाएगा.

प्यार जताने के अनोखे तरीके

कभी कभी कुछ लोग ऐसे अजीब-अजीब से नुस्खे बताते हैं जिसे सुन हंसी रोके नहीं रुकती. अभी कुछ दिन पहले ही मेरा दोस्त मुझे लड़की पटाने के कुछ तरीके बता रहा था. उसके टिप्स सुनकर मेरी तो हंसी रोके नहीं रुक रही थी. प्यार और लड़की पटाने के ऐसे तरीके अगर कोई इस्तेमाल करे तो हो सकता है उसे सफलता मिले लेकिन असावधानी मार भी खिला सकती है. मैंने सोचा थोड़ा आप भी हंसें इसलिए आप भी मजा लीजिए.

लड़की पटाने के मस्त तरीके ( :) काश कि इतना ध्यान आप काम की चीजों को पढ़ने में लगाते :) ):

प्यार में सबसे जरुरी होता है लड़की के मां बाप की नजरों में शरीफ बनना ..तो सबसे पहले जरुरी है जरा उनके सामने भी हीरो वाली इमेज बना कर रखें.

:) दिल का रास्ता जीभ से होकर गुजरता है और लड़कियों की तो जीभ होती ही लंबी है तो क्यों न इसका फायदा उठाया जाए. जब भी उनसे मिले तो बिना खिलाए-पिलाए जाने ही मत दें. ये बात अलग है कि वह हमेशा ना-ना ही करती रहती हैं. और हां गोलगप्पे, चाट आदि उनकी फेवरिट होती है लेकिन उसे खिलाते समय अपनी जेब का ख्याल रखना.

:) तुम जिस लड़की को चाहते हो उसे रोज-रोज हर घंटे प्यार भरे एसएमएस भेजो. उसे बताओ कि तुम उसे कितना चाहते हो और हां उसे पता नहीं चलना चाहिए कि तुम फ्री एसएमएस भेजते हो वरना पटने की जगह दूर हो जाएगी और गालियां पड़ेंगी वह अलग.

:) लड़कियां बहुत इमोशनल होती हैं तो उनके सामने घुटने पर बैठकर यह जताने का कोशिश करो कि जिंदगी में सबसे ज्यादा तुम उसे चाहते हो. और अपनी पूरी जिंदगी उसके लिए न्यौछावर कर सकते हो. यकीन मानो अगर तुमने सही डायलॉग्स का इस्तेमाल किया तो तुम्हारा 75% काम बन ही जाएगा.

:) और हां, लड़कियों को शर्मीले लड़के अच्छे नहीं लगते तो जब भी उनसे मिलो शर्माना बिलकुल नहीं. हमेशा उसकी आंखों में आंखे डाल कर बातें करना और अगर आगे बढ़ने का चांस मिल रहा हो तो मिस मत करो और हमेशा हाथ पकड़कर ही बात करना.

:) उसकी हर अदा की तारीफ करो. चाहे वह तुम्हें अच्छी लगे या न लगे. भई कुछ पाने के लिए कुछ खोना तो पड़ता ही है.

:) जिसे तुम चाहते हो तुम भी उसी की तरह बन जाओ. वो जो खाती हो तुम भी वही खाना शुरु कर दो. उसे जो पसंद हो उसे ही तुम अपनी पसंद बना लो. ऐसा करने से वो तुम पर अपनी जान लुटा देगी.

:) वैसे अगर इन सब के बाद भी आपका काम न बने तो समझ जाओ आपकी प्यार की नैया राम के भरोसे ही है और अगर इन टिप्स की वजह से मार खाओ तो मुझे याद मत करना क्योंकि भईया मैं तो पहले ही कह चुका हूं कि इन्हें गंभीरता से न लें.

तो समझो प्यार हो गया प्यारे

प्यार के रोगी तो सभी होते हैं, शायद आप भी प्यार के रोगी हैं, लेकिन कई बार आप इस रोग को पकड़ नहीं पाते हैं. कई बार सोचते-सोचते ही सारा टाइम निकल जाता है. जब तक समझ आता है कि यह प्यार है तब तक देर हो चुकी होती है. कहीं आप भी इसी इंतजार का रोना तो नहीं रो रहे.तो चलिए जानिए अपने प्यार के लक्षण को…

अगर नीचे लिखी बातें सच हैं यानि इनका जवाब सही है तो आप प्यार की बॉल पर आउट हो गए हैं.
अगर आप पहले से अच्छा महसूस करते हैं. एक अच्छा रिश्ता आपको अपने बारे में अच्छा महसूस कराता है.
आप अपने प्रेमी या प्रेमिका के साथ समय गुजारने के मौक़े ढूंढ़ते हैं.
आप छोटे-छोटे पलों का भी आनंद उठाने की मौका कभी भी नहीं गंवाते हैं.
आप अपने साथी का सम्मान करते हैं. जैसे पत्नी अपने पति के बारे में इस तरह की बातें कहती हैं, ‘मेरे पति कमाल के गायक हैं.’
आप इस बात में दिलचस्पी लेते हैं कि आपका साथी क्या सोचता है. आप अपने लिए अहम मुद्दों पर साथी की राय चाहते हैं और उसकी असहमति का बुरा नहीं मानते.
आपको साथी की चतुराई से कोई दि़क्क़त नहीं होती. आख़िर हर कोई चतुर बनता है, आप भी. आप अपने संबंधों में आ रही मुश्किलों से निबटने में सक्षम हैं. स्वस्थ संबंधों में लोग साथी की असहमति को उसके बारे में ज्यादा जानने को मौक़ा मानते हैं.
अपने साथी की तुलना औरों से नहीं करते. आपके साथी से सुंदर, बुद्धिमान और पैसे वाले लोग भी होंगे, पर आपको परवाह नहीं, क्योंकि आप तो सिर्फ़ अपने साथी का साथ चाहते हैं.
वैसे आजकल के मॉडर्न टाइप आशिकों को भी कई बार प्यार को समझने में देर होती है तो आइए जनाब आप भी जान लें कहीं आपको प्यार तो नहीं.
अगर अचानक आपका संगीत का टेस्ट बदल गया हो, विरह गीत से आप सीधे-सीधे डुएट पर उतर आए हों.
आपको माँ के हाथ की बनी रोटियों में भी उसका चेहरा नज़र आता हो.
रात करवटें बदल-बदल कर कटती हों.
सारा दिन उसके ख्यालों मे बीतता हो.
जब घर वाले कहने लगें, आप ऊंचा सुनने लगे हो.
जब आप उसके घर पर बार-बार फोन करके काटने में पारंगत हो चुके हों.
मोबाइल का बिल दस गुना बढ गया हो.
आप इंटरनेट पर प्यार मोहब्बत वाले एसएमएस ढूंढने लगे हो.
रात को सोने से पहले और जागने के बाद सबसे पहले उसी से मिलने का मन करे.
अपने आप को शीशे में देखने की संख्या में वृद्धि हो गई हो.
अगर आपको ऊपर लिखी कुछ बातें अपने व्यक्तितव में आजकल नजर आने लगी हैं तो मुन्ना आप प्रेम रोग के शिकार हो चुके हैं. जाइए और अपना इलाज करवाइए. 

ऐसे इंप्रेस होगी लड़की (लड़की पटाने की टेक्निक )

वैसे तो मैं अपने कई अनुभव आप तक पहुंचा चुका हूं और कई तो आप लोगों को पसंद भी आए हैं पर इस बार जो साम्रगी मैं आपके सामने रख रहा हूं बेशक वह मेरा अपना नहीं है पर वह है बेहद कारगर और यकीन मानिए अगर आप इसे अपनाएंगे तो लड़की के इंप्रेस होने के चांस बढ़ेंगे.

तो जरा ध्यान से पढ़ना दोस्तों और हां यह टिप्स बिलकुल भी हानिकारक नहीं है…

  • आपको अपने कॉलेज या ऑफिस में कोई लड़की पसंद है. आप उसे प्रपोज करना चाहते हैं, लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में सबसे पहले आपको उससे बातचीत करना शुरू करना चाहिए.
  • अगर आप ग्रुप में कहीं बाहर घूमने जाते हैं, तो कोशिश करें कि आप उस लड़की के आस-पास ही रहें. कोशिश करें कि आप उसकी हेल्प करें और उसके अच्छे फ्रेंड बन जाएं. इसके बाद अगर आपकी उससे अच्छी दोस्ती हो जाती है, तो आप उसे कॉफी पीने या कोई एग्जिबिशन देखने के लिए इंवाइट करें.
  • आप जब भी उसके साथ कहीं बाहर घूमने जाएं, तो बिल्कुल भी नर्वस न हों. इस दौरान, आप उस लड़की को शो करें कि आप उसे बहुत ज्यादा पसंद करते हैं.
  • आप फर्स्ट डेट पर क्या पहनकर जा रहे हैं, यह बहुत मायने करता है. आप कहां जा रहे हैं इस बात को ध्यान में रखते हुए ही ड्रेस चुनें. अगर आप फार्मल वीयर पहन रहे हैं, तो उसके साथ स्पोर्ट्स वॉच बिल्कुल न पहनें. ध्यान रखिए कि फर्स्ट इम्प्रेशन ही लास्ट इम्प्रेशन होता है.
  • अगर संभव है, तो तैयार होने से पहले नहा लें. इससे आप फ्रेश फील करेंगे. आप शाम के वक्त डेट पर जा रहे हैं, तो अच्छी खुशबू वाली परफ्यूम लगाएं. लेकिन तेज स्मेल वाला परफ्यूम बिल्कुल भी यूज न करें.
  • अपने बालों को जैल से अच्छी तरह से सेट कर लें. अगर पॉसिबल है, तो एक अच्छा सा हेयर कट कराएं. इससे आपको फ्रेश लुक मिलेगा.
  • आप पहली बार मिल रहे हैं, तो उस दौरान पर्सनल क्वेश्चन कम ही करें. इससे वह कंफर्टेबल फील करेगी.
  • खाने का ऑर्डर देते वक्त उसकी राय पूछ लें, लेकिन उसे ज्यादा फोर्स न करें.
  • आप जब उससे मुलाकात करें, तो उसे मैसेज करके यह जरूर बताएं कि आपने आज उसके साथ कैसा फील किया.

  • उम्मीद है कम से कम यह टिप्स तो आपकीको कुछ मदद करेंगे ही और हां, इसके साथ अगर आपके पास भी कुछ टिप्स हों तो जरुर बताएं.

कैसे करें एक अनजान लड़की से बात

मैं आपके लिए लाया हूं एक ऐसे सवाल का जवाब जो शायद हर लड़के के दिल का सवाल है. और यह सवाल है कैसे बात करें एक अनजान लड़की सेएक अनजान लड़की से बात करना बेहद मुश्किल काम होता है लेकिन दोस्तों यह जिंदगी चार दिन की हो ती है जिस राह पर जो मिले उसे दोस्त बनाते चलो. हो सकता है इस गोल दुनिया में वही इंसान किसी समय आपकी मदद के लिए आ जाए. तो अगर कोई लड़की आपके आसपास रहने आई है और आओ उससे बात करना चाहते हैं तो यह एक अच्छा समय है आपके लिए. नया साल है तो चलिए जानते हैं कैसे करें शुरुआत लड़कियों से बात करने की:

हेलो हाय: किसी भी बातचीत की शुरुआत एक हेलो हाय के साथ होनी चाहिए. हेलो एक ऐसा शब्द बन चुका है जो संसार में ना जानें कितने नए रिश्तों की शुरूआत का जनक बन चुका है.

जगह और माहौल को जानें: एक कॉफी हाउस में बैठकर बगल वाली लड़की से आप अगर बात करना चाहते हैं तो बजाय कि यहां-वहां की बात पूछने से उससे कॉफी के बारें में पूछिए. अगर मंदिर में हैं तो उससे पूछ लीजिएं कि क्या आपका भगवान में विश्वास है या अगर भगवान में विश्वास नहीं है तो वह यहां क्यों आई है?

सामाजिक बनें: इंसान एक सामाजिक प्राणी है बचपन में जरूर पढ़ा होगा आपने. भूले तो नहीं ना. तो फिर इसी टिप को इस्तेमाल करें. किसी बस स्टैंड पर बैठकर कर आप किसी अनजान लड़की से बस सर्विस की बुराई या रोड़ पर चलते ट्रैफिक वालों की सेंस की ऐसी-तेसी कर सकते हैं हो सकता है वह इंटरस्ट ले ले.

तारीफ: अगर लड़की आपकी बातों में 1% भी इंटरस्ट दिखाती है तो आपका काम बन गया है. इसके बाद आपको थोड़ी तारीफ भी करनी चाहिए. देखिए तारीफ का टॉनिक जब तक  किसी लड़की को नहीं मिलता है तब तक उसके दिमाग में एट्रेक्श्न का बल्ब नहीं जलता . तो अपने दिमाग की बत्ती जलाओ, लड़की की तारीफ करो और उससे दोस्ती बनाओ.

खुले दिमाग के सवाल पूछो: अगर लड़की आपसे बात करना शुरू कर देती है तो उसके सामने शर्माइएं मत. बिलकुल निडर होकर बिंदास बात कीजिएं. एक चीज याद रखिएं अगर शर्माएंगे तो उसके दिमाग में आपके लिए बुरी छवि बनेगी. इससे अच्छा है थोड़ा बिंदास ही हो कर रहें हो सकता है वह आपसे दोस्ती के लिए भी हां कर दे.

पर्सनल मत होइएं: पहली मुलाकात में किसी के घर या पर्सनल चीजें पूछना सरासर बेवकूफी होती है. और उम्मीद है आप बेवकूफ नहीं कहलाना चाहेंगे.

कीप इट सिंपल एंड फन: जितनी ज्यादा सिंपल तरीके से बात करेंगे उतना अच्छा है.

हां, इन सब के बाद अगर आपको वह लड़की बस स्टैंड, मेट्रो, या किसी अन्य ऐसी जगह मिली है जहां उसके दुबारा मिलने की उम्मीद ना हो तो फोन नंबर ना मांगे लेकिन अगर वह कालॉनी, ऑफिस में रहती है तो आप टच में रहने के लिए नंबर ले सकते हैं या दुबारा मिलने क प्रस्ताव रख सकते हैं.

[नोट: उपरोक्त किसी भी स्टेप में आपकी जरा सी लापरवाही आपको लड़की के हाथों से थप्पड़ या सैंडल का छाप दिला सकती है इसलिए दिल मजबुत करके ही इन टिप्स का इस्तेमाल करें. बाद में यह नहीं कहना कि ऐसा हो गया और वैसा हो गया. ]

लड़की पटाने का जानलेवा तरीका

अगर आप भी खतरों के खिलाड़ी हैं तो इसे जरूर पढ़े. :lol: :-D

मान लीजिएं आपकी कोई महिला मित्र हैं जिनके साथ आप प्यार की गाड़ी में फास्ट स्पीड से सैर करना चाहते हैं तो सबसे पहले उनसे कुछ दिन बात कीजिएं और फिर एक दिन बात कुछ यूं शुरू करें:

आप: कल रात मैंने एक सपना देखा.
लड़की: क्या देखा? (पूरी उम्मीद है लड़की यह पूछेगी ही)
आप: नहीं, मैं नहीं बता सकता. (लड़की को थोड़ा सस्पेंस में आने दो.)

लड़की: अरे बोलो ना. (लड़कियों की आदत है कि जब तक उन्हें बात ना पता चले उनके पेट का खाना नहीं पचता और आप भी एक गंदे खाने की तरह खाने को पचने ना दें.)

आप: तुम्हें शायद बुरा लग जाएगा (बस आपका यह कहना और लड़की आधी फ्लेट)
लड़की: अरे बोलो ना मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

(अब बारी है हथडों मारने की)
आप: ओके, कल रात को मैंने एक सपना देखा था उसमें तुम थी. (पूरी बात पहली ही किस्त में मत्र बताओं, किस्तों में बताओं और मजे का इंटरस्ट पाओ.)
लड़की: वाह (आगे का सुनेगी तो बेहोश हो जाएगी)..आगे…..
.
आप: और क्या तुम सपने में आई थी और मैंने तुम्हें किस किया था. (बस फूट गया बम अब थोड़ा नाटक करो).. सॉरी….मैंने कहा था कि तुम बुरा मान जाओगी.
लड़की: इसमें सॉरी बोलने और गलत लगने वाली क्या बात है? (अगर लड़की यह बोलती हैं आपकी लाइन क्लियर है भाई वरना.…)

आप: थैंक्स यार, फिर भी सॉरी अगर आपको बुरा लगा.. (ऐसे मौकों पर लड़कों को सॉरी एक्सट्रा दिल खोलकर बोलनी चाहिए)
लड़की: सॉरी बोलना बंद करो.

आप: थैंक्स गॉड यार, तुम कितनी अच्छी हो
लडकी: हम्म
आप: क्या यह सपना कभी सच होगा?

लड़की: हंसेगी (*)
अगर लड़की हंसी तो समझ जाएं कि या तो उसकी हां है या फिर कुछ दिन बाद वह हां कर ही देगी.

लेकिन हां ऊपर लगे * का मतलब है कि अगर उस लड़की ने हंसने की जगह थप्पड़ मारा ना तो बेटा किंगफिशर वालों का बहुत भला हो जाएगा. आशिक अकसर लड़की से पीटने के बाद किंगफिशर की बीयर या मैकडॉवल की शराब ही पीते हैं. तो कैसा लगा आपको लड़की पटाने का यह विस्फोटक तरीका