गर्लफ्रेंड के साथ पहली बार डेट पर जा रहे हैं लेकिन आपका मूड नहाने का नहीं है तो सोचिए मत बल्कि उससे मिलने का अपना प्लान कैंसल कर दीजिए. अगर जेब में पैसा नहीं है और डेट पर जाना चाह रहे हैं तो भी आपके लिए सही यही है कि आज तो उनसे ना ही मिलें तो बेहतर है.
हाल ही में हुए एक अध्ययन की मानें तो एक लड़की को वो लड़के कभी पसंद नहीं आते जिनके ऊपर कर्ज हो या फिर उनकी जेब में पैसा ना हो. इसके विपरीत पैसों का सही प्रयोग करने वाले और मजेदार सेंस ऑफ ह्यूमर वाले लड़के महिलाओं की पहली पसंद होते हैं.आप चाहे इस बात पर यकीन ना करें लेकिन ब्रिटिश महिलाओं को केन्द्र में रखकर किया गया हालिया शोध तो कुछ ऐसा ही कह रहा है कि अगर आपकी जेब खाली है तो आपको दिल लगाने का भी हक नहीं हैब्रिटेन की महिलाओं पर हुए इस शोध के नतीजों की मानें तो यद्यपि बुरा दिखने और बेवकूफ होने जैसे कुछ कारक हैं जो महिलाओं को पुरुषों से दूरी बनाने के लिए मजबूर कर देते हैं लेकिन जहां तक बात है सेंस ऑफ ह्यूमर और कर्ज में होने की तो महिलाएं इस फ्रंट पर किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकतीं.ब्रिटेन की 1,904 महिलाओं से पूछे गए इस सवाल के जवाब में कि वह अपने भावी साथी में कौन से गुण देखना चाहती हैं और कौन सी कमियों को वे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकतीं, के जवाब में अधिकांश महिलाओं का कहना था कि पुरुषों में खाने पीने का तौर तरीका और स्वच्छता की कमी उन्हें बहुत अखरती है.
हाल ही में हुए एक अध्ययन की मानें तो एक लड़की को वो लड़के कभी पसंद नहीं आते जिनके ऊपर कर्ज हो या फिर उनकी जेब में पैसा ना हो. इसके विपरीत पैसों का सही प्रयोग करने वाले और मजेदार सेंस ऑफ ह्यूमर वाले लड़के महिलाओं की पहली पसंद होते हैं.आप चाहे इस बात पर यकीन ना करें लेकिन ब्रिटिश महिलाओं को केन्द्र में रखकर किया गया हालिया शोध तो कुछ ऐसा ही कह रहा है कि अगर आपकी जेब खाली है तो आपको दिल लगाने का भी हक नहीं हैब्रिटेन की महिलाओं पर हुए इस शोध के नतीजों की मानें तो यद्यपि बुरा दिखने और बेवकूफ होने जैसे कुछ कारक हैं जो महिलाओं को पुरुषों से दूरी बनाने के लिए मजबूर कर देते हैं लेकिन जहां तक बात है सेंस ऑफ ह्यूमर और कर्ज में होने की तो महिलाएं इस फ्रंट पर किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकतीं.ब्रिटेन की 1,904 महिलाओं से पूछे गए इस सवाल के जवाब में कि वह अपने भावी साथी में कौन से गुण देखना चाहती हैं और कौन सी कमियों को वे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकतीं, के जवाब में अधिकांश महिलाओं का कहना था कि पुरुषों में खाने पीने का तौर तरीका और स्वच्छता की कमी उन्हें बहुत अखरती है.
वहीं दूसरी ओर उनकी हिट लिस्ट में अगला नाम है आपके पास अच्छी पर्सनैलिटी का ना होना, आपको कपड़े पहनने का सही सलीका ना आना और साथ ही आपके और आपकी डेट के राजनीतिक और धार्मिक मतभेद.वैसे डेटिंग का सिलसिला तो अब भारतीय समाज में भी प्रमुखता के साथ देखा और अपनाया जा रहा है. इसीलिए एक बार इस शोध को भारतीय महिलाओं पर केन्द्रित कर भी देखा जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि आज जब डेटिंग जैसे संबंधों की अवधारणा पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं में भी कॉमन और स्वीकृत होती जा रही है तो जाहिर है अपने पार्टनर को लेकर महिलाओं के दिल में भी कुछ अपेक्षाएं और प्राथमिकताएं होंगी.
ऐसे में उनकी पसंद-नापसंद बहुत ज्यादा महत्व रखती है. हालांकि एक दौर था जब महिलाओं की पसंद की ओर ध्यान देने की जहमत कोई नहीं उठाता था लेकिन अब कुछ हद तक तो जरूर हालात बदले हैं. लेकिन उपरोक्त अध्ययन पर भारतीय महिलाएं एक राय रखती हैं यह बात संदेहजनक है. क्योंकि ऐसा जरूरी नहीं कि महिलाओं को बस वहीं पुरुष पसंद आएं जिनके पास पैसा हो या दिखने में बहुत हैंडसम. ये गाना तो आपने सुना ही होगा “दिल को देखो, चेहरा ना देखो, चेहरे ने लाखों को लूटा”. बस तो चेहरे या पैसे को देखकर किसी पर मरना जायज तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन जैसा कि हर किसी की अपनी-अपनी कुछ प्राथमिकताएं होती हैं तो इसमें दखलंदाजी भी क्या की जा सकती है.

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